पुनर्जन्महोगामेरा !प्यार कुछ नहीं होता ये क्षणभर का अकर्षण है बस।(हम समझदारों के लिए)॥० अर्रे प्रेमी तो वो हैं जो पृथक कर दिए गए।और वो दो बच्चों का बाप/ तीन बच्चों की माँ संग फरार है।यहीं लोग तो प्यार को रोमांच से जीते हैं॥० मगर एक पत्नी भागे पति के इंतजार में कि कब वो लौट आए/चाव से रोज देह का कोना-कोना चमकाती है।० एक पति भागी पत्नी के दुत्कार में कि मत आना ओलाद को भी ऐसा बना देगी।०ओर हम समाज से बंधे लोग कहाँ प्रेम को जीते हैं/निपटा देते हैं ईश्क को आँखों-आँखों में।कभी जाति के बंधन/कहीं ब्योत के।….०….चलो किसी #आईलैण्ड पर भाग चलें/अपने प्रेम का घर बनाने।मगर प्रिय वो प्रेम भी फिर कहीं ओर भाग कर जाना चाहेगा।हमसे बनी पीढ़ियाँ एक दिन समाज बन जाएंगी।वो समाज प्रेम पर कालिख।बँधन।ओर दुरूह वेदना।बस यहीं #विमर्श कर हम दोनों समाज में बँध गए।चाहत साकार होकर तो आकार लेती है बस।उसे ना पाकर/उसकी मासूमियत अँजुलि में भर ले जाउँगी।अंतिम बार बूढ्ढ़ी आँखों से उसे देखने आउँगी।सब बातें करूँगी बैठकर।ओर सुकून से लौट जाउंगी।झुर्रियों को शक्की निगाहों से नहीँ देखता समाज।ओर मैं एक दिन हमेशा के लिए मिट जाउंगी।नूतन देह के प्रेम में।पुनर्जन्म होगा मेरा।इसी कहानी के साथ॥

पुनर्जन्महोगामेरा !
प्यार कुछ नहीं होता ये क्षणभर का अकर्षण है बस।(हम समझदारों के लिए)॥
० अर्रे प्रेमी तो वो हैं जो पृथक कर दिए गए।
और वो दो बच्चों का बाप/ तीन बच्चों की माँ संग फरार है।
यहीं लोग तो प्यार को रोमांच से जीते हैं॥
० मगर एक पत्नी भागे पति के इंतजार में कि कब वो लौट आए/चाव से रोज देह का कोना-कोना चमकाती है।
० एक पति भागी पत्नी के दुत्कार में कि मत आना ओलाद को भी ऐसा बना देगी।
०ओर हम समाज से बंधे लोग कहाँ प्रेम को जीते हैं/
निपटा देते हैं ईश्क को आँखों-आँखों में।
कभी जाति के बंधन/कहीं ब्योत के।
….०….
चलो किसी #आईलैण्ड पर भाग चलें/अपने प्रेम का घर बनाने।
मगर प्रिय वो प्रेम भी फिर कहीं ओर भाग कर जाना चाहेगा।
हमसे बनी पीढ़ियाँ एक दिन समाज बन जाएंगी।
वो समाज प्रेम पर कालिख।
बँधन।
ओर दुरूह वेदना।
बस यहीं #विमर्श कर हम दोनों समाज में बँध गए।
चाहत साकार होकर तो आकार लेती है बस।
उसे ना पाकर/उसकी मासूमियत अँजुलि में भर ले जाउँगी।
अंतिम बार बूढ्ढ़ी आँखों से उसे देखने आउँगी।
सब बातें करूँगी बैठकर।
ओर सुकून से लौट जाउंगी।
झुर्रियों को शक्की निगाहों से नहीँ देखता समाज।
ओर मैं एक दिन हमेशा के लिए मिट जाउंगी।
नूतन देह के प्रेम में।
पुनर्जन्म होगा मेरा।
इसी कहानी के साथ॥